उत्तराखंड में UCC का एक साल, देशभर की नजरें राज्य पर
एंकर वॉइस में न्यूज़
देहरादून से बड़ी खबर।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू हुए आज एक साल पूरा हो गया है। देश में सबसे पहले उत्तराखंड ने यूसीसी को लागू कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया था।
यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों में एक समान कानून लागू किया गया, जिससे समाज में समानता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है। सरकार का दावा है कि इस कानून से खासतौर पर महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी के एक वर्ष पूरे होने पर इसे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह कानून संविधान की भावना के अनुरूप है। सरकार के अनुसार, बीते एक साल में बड़ी संख्या में लोगों ने यूसीसी के तहत पंजीकरण कराया है।
हालांकि, यूसीसी को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है। विपक्ष जहां इसे जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला बता रहा है, वहीं सरकार इसे समानता और सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में यूसीसी का एक साल पूरा होना देशभर में एक अहम मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
