अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि कमांडर इन चीफ के निर्देश पर यह हमले किए गए.

गाजा (फिलिस्तीन): इजराइल के गाजा में हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक गुरुवार को इजराइली सेना ने जोरदार हमले किए. इस हमले में छह लोगों के मारे जाने की खबर मिली है. बता दें, अमेरिका के मध्यस्थता के चलते इजराइल और गाजा के बीच सीजफायर हुआ था, लेकिन इजराइल हमले जारी रखे हुए है. गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी और हेल्थ अधिकारियों के हवाले से इस खबर की पुष्टि की गई है.

गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी के हवाले से बताया कि छह में से दो लोग तब मारे गए जब इजराइली ड्रोन ने सेंट्रल गाजा के नुसेरत कैंप पर हमला किया, जबकि बाकी चार लोग इलाके के अलग-अलग हिस्सों में मारे गए हैं. वहीं, गाजा के अस्पतालों ने हमलों में मारे गए छह लोगों के शव मिलने की पुष्टि की है.

हम हमला ईरान में अमेरिका के नए हमलों के बीच हुआ है. इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को बताया कि उसकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू कर दिए हैं ताकि होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन की आजादी को खतरे में डालने की तेहरान की ताकत को और कम किया जा सके. अमेरिका ने यह हमले उस समय किए जब ईरान ने कमर्शियल शिपिंग और सिविलियन क्रू पर हमले बोले थे. इस संबंध में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि कमांडर इन चीफ के निर्देश पर यह हमले किए गए हैं.

इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने उत्तरी जॉर्डन में अमेरिका के अल-अजराक एयर बेस पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. यह हमला उसने ‘पश्चिम एशिया में दुश्मन के कमांड और कंट्रोल सेंटर’ को निशाना बनाकर किया गया. आईआरजीसी ने कहा कि ये जवाबी हमले वाशिंगटन द्वारा तेहरान पर हाल ही में किए गए हमले के जवाब में थे. ईरान के राज्य प्रसारक, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के एक बयान के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि मिसाइल हमले उसकी प्रतिक्रिया के ‘दूसरे चरण’ को चिह्नित करते हैं, जिसे वह संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आक्रामकता के रूप में वर्णित करता है.

उसने जानकारी देते हुए बताया कि आज (गुरुवार) दोपहर 2:20 बजे, आईआरजीसी एयरोस्पेस सेनानियों ने 10 बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ पश्चिम एशिया में दुश्मन के कमांड और नियंत्रण केंद्र और जॉर्डन के अल-अजराक में दुश्मन के हवाई अड्डे को नष्ट कर दिया. वहीं, आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि आगे की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर अतिरिक्त हमले होंगे. आईआरआईबी द्वारा दिए गए बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिकी आतंकवादी सेना आगे हमला करती है तो क्षेत्र में अन्य अमेरिकी अड्डे हमारी भारी गोलीबारी से सुरक्षित नहीं होंगे.