AI वीडियो विवाद : पूर्व CM हरीश रावत ने दर्ज कराई FIR
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पुलिस में एफ़आईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से जुड़ा एक AI-जनित (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बना) वीडियो वायरल किया गया, जिसमें उन्हें गलत और आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है।
रावत के अनुसार, यह वीडियो किसी राजनीति से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था। वीडियो में AI तकनीक का इस्तेमाल कर उनके चेहरे, आवाज़ या कथित बयानों को इस तरह प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों के बीच उनके बारे में गलत धारणा बन सके। उन्होंने इस मामले में पुलिस को डिजिटल सबूत, जैसे पेन ड्राइव, भी सौंपे हैं।
पुलिस ने इस शिकायत पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है। हरीश रावत ने यह भी बताया कि एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में उन्हें करीब चार घंटे का समय लगा। उन्होंने इसे आम नागरिकों के लिए एक गंभीर समस्या बताते हुए सवाल उठाया कि जब एक आम व्यक्ति शिकायत लेकर जाता है, तो उसे कितनी परेशानी झेलनी पड़ती होगी।
यह मामला अब उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा विवाद बन चुका है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और इस घटना ने डिजिटल सुरक्षा और फेक कंटेंट के खतरे को फिर से उजागर कर दिया है।
आज के समय में AI तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो, नकली आवाज़ और भ्रामक बयान बनाना आसान हो गया है। ऐसे कंटेंट से किसी व्यक्ति की छवि खराब की जा सकती है, लोगों की राय को गुमराह किया जा सकता है और समाज में भ्रम या तनाव पैदा किया जा सकता है। इसी कारण कानून और प्रशासन अब ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहे हैं, ताकि तकनीक का गलत इस्तेमाल रोका जा सके और लोगों का भरोसा बना रहे।
