पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का देहरादून में प्रदर्शन, राजनीतिक माहौल गरमाया!
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने देहरादून में अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा प्रदेश कार्यालय तक मार्च किया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिससे शहर का राजनीतिक माहौल काफी सक्रिय हो गया।
प्रदर्शन की वजह क्या रही? हरीश रावत ने यह प्रदर्शन प्रदेश की मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यशैली के विरोध में किया। उनका कहना है कि सरकार जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बेरोज़गारी, बढ़ती महंगाई, कानून-व्यवस्था और आम लोगों की समस्याओं को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान हरीश रावत ने कहा कि:
- प्रदेश की जनता परेशान है।
- युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
- आम लोगों की समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जनता की आवाज़ नहीं सुनी, तो कांग्रेस आगे भी आंदोलन तेज करेगी और सड़कों पर उतरकर संघर्ष जारी रखेगी।
प्रशासन रहा सतर्क – प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। कुछ इलाकों में प्रदर्शन के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
राजनीतिक असर – इस प्रदर्शन को सरकार पर दबाव बनाने की विपक्ष की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में टकराव और बयानबाज़ी और तेज हो सकती है।
कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन राज्य की सियासत में एक नया मोड़ ला सकता है और राजनीतिक हलचल को और बढ़ा सकता है।
