लोककला और स्वाद से सजा लैंडौर मेला बना आकर्षण का केंद्र!
मुस्सूरी के लैंडौर क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय लोक एवं हस्तशिल्प मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उत्पादकों को एक मंच प्रदान करना था, जहाँ वे अपने हाथ से बने उत्पादों और कला का प्रदर्शन कर सकें।
मेले में पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन, जैविक उत्पाद, हस्तनिर्मित वस्तुएँ और लोककला लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। आगंतुकों ने न केवल इन उत्पादों की सराहना की, बल्कि स्थानीय कलाकारों का उत्साह भी बढ़ाया।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। मेले के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिला और लोगों को स्वरोज़गार के नए अवसरों के बारे में जानकारी मिली।
ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को पहचान मिलती है, साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। कुल मिलाकर, लैंडौर मेला पहाड़ी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने की दिशा में एक सफल प्रयास साबित हुआ।
