दो संदिग्ध हिरासत में, तीन पुलिसकर्मी निलंबित – SIT करेगी बड़ा खुलासा?
हरिद्वार में गैंगस्टर विनय त्यागी की पुलिस हिरासत के दौरान गोली लगने से हुई मौत ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विनय त्यागी पुलिस हिरासत में था। इसी दौरान गोली चलने की घटना हुई, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगे कि हिरासत में रहते हुए हथियार कैसे पहुंचे और फायरिंग कैसे संभव हुई।
इस मामले में कई अहम बिंदुओं पर जांच की जा रही है :
- पुलिस सुरक्षा में गंभीर चूक की आशंका
- हिरासत में आरोपी की मौत, जो बेहद संवेदनशील मामला है
- निष्पक्ष जांच के लिए केस स्थानीय पुलिस से हटाकर SIT को सौंपा गया
- घटना से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया
- तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया
- ड्यूटी चार्ट, सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों की जांच जारी
- CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं
प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है।
हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत को प्रशासन बेहद गंभीर विषय मानता है, क्योंकि यह कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों से भी जुड़ा मामला है। अब सबकी नजर SIT की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना लापरवाही, साजिश या किसी बड़ी चूक का नतीजा थी।
