देहरादून: चंद्रबनी श्मशान घाट के पास लावारिस अवस्था में मिला अज्ञात शव, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
13 फरवरी, 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरक्षा और लावारिस शवों की बढ़ती संख्या एक बार फिर चर्चा में है। आज कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र के अंतर्गत चंद्रबनी श्मशान घाट के पास एक गंदे नाले में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की।
पुलिस कंट्रोल रूम को शुक्रवार दोपहर सूचना मिली कि चंद्रबनी इलाके में एक शव पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पटेलनगर पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकाला। मृतक की पहचान के लिए आसपास के नागरिकों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पुलिस कंट्रोल रूम को शुक्रवार दोपहर सूचना मिली कि चंद्रबनी इलाके में एक शव पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पटेलनगर पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकाला। मृतक की पहचान के लिए आसपास के नागरिकों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
मानवाधिकार एवं सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:
जांच प्रक्रिया: पुलिस की फील्ड यूनिट ने घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर साक्ष्य सुरक्षित किए हैं, ताकि किसी भी मानवाधिकार उल्लंघन या संदिग्ध स्थिति की पारदर्शी जांच हो सके।
मृतक की स्थिति: प्रारंभिक निरीक्षण के अनुसार, शरीर पर किसी भी तरह के गंभीर चोट या हिंसा के निशान (Visible Injuries) नहीं मिले हैं, जो प्रथम दृष्टया किसी बाहरी हमले की संभावना को कम करते हैं।
पहचान का अभाव: मृतक के पास से कोई शिनाख्त संबंधी दस्तावेज (Identity Documents) नहीं मिले हैं। लावारिस शवों के मामले में मानवाधिकार नियमों के तहत पहचान स्थापित करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
वर्तमान स्थिति और आगामी कार्यवाही
पुलिस ने शव को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। Human Rights News 24 को मिली जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों (Asphyxiation, Drowning, or Natural) का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। पुलिस फिलहाल गुमशुदगी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।
Human rights News 24 की अपील: यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति लापता है या आप इस मृतक के बारे में कोई जानकारी रखते हैं, तो तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित करें। अज्ञात शवों की गरिमापूर्ण अंत्येष्टि और शिनाख्त नागरिक समाज की जिम्मेदारी है।
